शरद पूर्णिमा 2026: खीर का महत्व, पूजा विधि और चंद्रमा की सोलह कलाएँ
शरद पूर्णिमा 2026 में 25 अक्टूबर को है। इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और खीर बनाकर चाँदनी में रखी…
पूरा लेख पढ़ें →सनातन धर्म, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, ज्योतिष और आध्यात्मिक कथाओं पर देववाणी के लेख — सरल हिंदी में, प्रामाणिक जानकारी के साथ।
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पूरा लेख पढ़ें →कन्या पूजन नवरात्रि की अष्टमी या नवमी को किया जाता है — 2026 में 18 और 19 अक्टूबर को। इसमें दो से दस वर्ष…
पूरा लेख पढ़ें →सर्व पितृ अमावस्या 2026 में शनिवार 10 अक्टूबर को है। यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन है और उन सभी पितरों का श्राद्ध इसी…
पूरा लेख पढ़ें →तर्पण में जल, काले तिल और कुश लेकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों को जल अर्पित किया जाता है। जल की धार…
पूरा लेख पढ़ें →पितृ पक्ष 2026 शनिवार 26 सितंबर से आरंभ होकर शनिवार 10 अक्टूबर को सर्व पितृ अमावस्या पर पूर्ण होगा। इन सोलह दिनों में पूर्वजों…
पूरा लेख पढ़ें →व्रत में कुट्टू, सिंघाड़ा और राजगिरा का आटा, साबूदाना, समा के चावल, आलू, शकरकंद, फल, दूध-दही और सेंधा नमक लिया जाता है। गेहूँ, चावल,…
पूरा लेख पढ़ें →साबूदाना खिचड़ी नवरात्रि, एकादशी और सोमवार जैसे व्रतों की सबसे प्रचलित फलाहारी रेसिपी है। सफल खिचड़ी का पूरा रहस्य भिगोने में है — साबूदाना…
पूरा लेख पढ़ें →पंजीरी धनिया पाउडर अथवा गेहूँ के आटे को घी में भूनकर, उसमें मखाना, मेवा और बूरा मिलाकर बनाई जाती है। जन्माष्टमी पर धनिया की…
पूरा लेख पढ़ें →मोदक भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग है और गणेश चतुर्थी पर 21 मोदक अर्पित करने की परंपरा है। उकडीचे मोदक चावल के आटे…
पूरा लेख पढ़ें →पंचामृत पाँच पवित्र वस्तुओं — दूध, दही, घी, शहद और शक्कर — से बनता है और हर अभिषेक तथा पूजा में अर्पित किया जाता…
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