🪔 भोग एवं प्रसाद

मोदक बनाने की विधि — गणेश जी का प्रिय भोग

✍ vinodvinod.rawat@gmail.com 3 मिनट पढ़ें

संक्षेप में

मोदक भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग है और गणेश चतुर्थी पर 21 मोदक अर्पित करने की परंपरा है। उकडीचे मोदक चावल के आटे की पतली परत में नारियल-गुड़ का भरावन भरकर भाप में पकाए जाते हैं, जबकि तला हुआ मोदक गेहूँ के आटे से बनता है और अधिक दिन चलता है।

मोदक का अर्थ ही है — आनंद देने वाला। यही कारण है कि गणेश जी को मोदकप्रिय कहा जाता है। दो प्रकार सबसे प्रचलित हैं: भाप में पके उकडीचे मोदक (महाराष्ट्र की पारंपरिक विधि) और तले हुए मोदक।

भरावन की सामग्री

  • ताज़ा कसा नारियल — 1 कटोरी
  • गुड़ — 3/4 कटोरी (कद्दूकस किया हुआ)
  • इलायची पाउडर — 1/2 छोटा चम्मच
  • खसखस — 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
  • घी — 1 छोटा चम्मच

आटे की सामग्री (उकडीचे मोदक)

  • चावल का बारीक आटा — 1 कटोरी
  • पानी — 1 कटोरी
  • घी — 1 छोटा चम्मच
  • नमक — चुटकी भर

भरावन बनाना

  • कड़ाही में घी गरम कर उसमें कसा नारियल डालकर एक मिनट भूनें।
  • गुड़ मिलाएँ और धीमी आँच पर तब तक चलाएँ जब तक गुड़ पिघलकर नारियल में मिल न जाए।
  • मिश्रण गाढ़ा होने लगे तो इलायची एवं खसखस मिलाकर आँच बंद कर दें।
  • ध्यान रहे — अधिक पकाने से भरावन कड़ा हो जाता है, इसलिए हल्का गीला रहने पर ही उतार लें।

आटा गूँथना और मोदक बनाना

  • पानी में घी एवं चुटकी भर नमक डालकर उबालें।
  • उबलते पानी में चावल का आटा डालकर तुरंत चलाएँ और आँच बंद कर ढक दें।
  • दो मिनट बाद गुनगुना रहते ही हथेली पर घी लगाकर आटा मुलायम गूँथ लें — यही सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
  • छोटी लोई लेकर हथेली पर कटोरीनुमा फैलाएँ, किनारों पर उँगलियों से चुन्नटें बनाएँ।
  • बीच में भरावन रखकर चुन्नटों को ऊपर लाकर बंद करें और चोटी जैसी नोक बनाएँ।
  • भाप में 10–12 मिनट पकाएँ। ऊपर से घी डालकर अर्पित करें।

तले हुए मोदक

गेहूँ या मैदे के आटे में थोड़ा घी का मोयन डालकर कड़ा आटा गूँथें, वही भरावन भरकर मोदक का आकार दें और धीमी आँच पर सुनहरा होने तक तलें। ये 4–5 दिन तक चलते हैं, इसलिए प्रसाद वितरण के लिए अधिक उपयुक्त रहते हैं।

21 मोदक की परंपरा

गणेश चतुर्थी पर 21 मोदक अर्पित करने की परंपरा है। 21 की संख्या को पूर्णता का प्रतीक माना जाता है — दस इंद्रियाँ, दस प्राण और एक मन। पूजा के बाद यह प्रसाद परिवार एवं पड़ोसियों में बाँटा जाता है।

टिप्स

  • चावल का आटा जितना बारीक होगा, परत उतनी पतली बनेगी।
  • आटा गूँथते समय हाथ पर घी लगाते रहें — इससे दरार नहीं पड़ती।
  • मोदक बनाते समय बाकी आटे को गीले कपड़े से ढककर रखें।
  • साँचा (मोल्ड) उपलब्ध हो तो आकार एक समान बनता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेश जी को कितने मोदक चढ़ाए जाते हैं?

परंपरा में 21 मोदक अर्पित किए जाते हैं। संख्या न हो पाए तो 5 या 11 भी अर्पित किए जा सकते हैं।

मोदक का आटा फट जाए तो क्या करें?

आटा गुनगुना रहते ही गूँथें और हाथों पर घी लगाएँ। आटा सूख गया हो तो थोड़ा गर्म पानी छिड़ककर दोबारा गूँथ लें।

उकडीचे और तले मोदक में क्या अंतर है?

उकडीचे चावल के आटे से बनकर भाप में पकते हैं और उसी दिन खाए जाते हैं; तले हुए मोदक गेहूँ के आटे से बनते हैं और कई दिन चलते हैं।

क्या मोदक में शक्कर डाल सकते हैं?

पारंपरिक भरावन गुड़ का होता है, किंतु शक्कर से भी बनाया जा सकता है। गुड़ का स्वाद एवं रंग अधिक प्रामाणिक माना जाता है।

साझा करें ✆ f ✦