रविवार व्रत: सूर्य देव की पूजा विधि, अर्घ्य और नियम
रविवार का व्रत भगवान सूर्य को समर्पित है और आरोग्य, यश तथा आत्मबल के लिए रखा जाता है। इस दिन सूर्योदय के समय ताँबे…
पूरा लेख पढ़ें →सनातन धर्म, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, ज्योतिष और आध्यात्मिक कथाओं पर देववाणी के लेख — सरल हिंदी में, प्रामाणिक जानकारी के साथ।
रविवार का व्रत भगवान सूर्य को समर्पित है और आरोग्य, यश तथा आत्मबल के लिए रखा जाता है। इस दिन सूर्योदय के समय ताँबे…
पूरा लेख पढ़ें →शनिवार का व्रत शनि देव और हनुमान जी को समर्पित है तथा साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि की पीड़ा शांत करने के लिए रखा जाता…
पूरा लेख पढ़ें →शुक्रवार का व्रत माँ लक्ष्मी, संतोषी माता और वैभव लक्ष्मी को समर्पित है तथा धन, सुख-समृद्धि और गृहस्थ सुख के लिए रखा जाता है।…
पूरा लेख पढ़ें →गुरुवार का व्रत बृहस्पति देव और भगवान विष्णु को समर्पित है, और विवाह में विलंब, संतान सुख तथा धन-वृद्धि के लिए रखा जाता है।…
पूरा लेख पढ़ें →बुधवार का व्रत भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित है। यह व्यापार, बुद्धि, शिक्षा और वाणी से जुड़ी बाधाओं के निवारण हेतु रखा…
पूरा लेख पढ़ें →मंगलवार का व्रत हनुमान जी को समर्पित है और साहस, बल तथा संकटों से मुक्ति के लिए रखा जाता है। इस दिन लाल वस्त्र…
पूरा लेख पढ़ें →सोमवार का व्रत भगवान शिव को समर्पित है और मनचाहा वर तथा सुखी दांपत्य जीवन के लिए रखा जाता है। व्रती प्रातः स्नान कर…
पूरा लेख पढ़ें →तुलसी विवाह 2026 में 17 नवंबर को है। कार्तिक शुक्ल एकादशी से द्वादशी के बीच तुलसी जी का विवाह भगवान शालिग्राम से कराया जाता…
पूरा लेख पढ़ें →छठ पूजा 2026 का मुख्य दिन 15 नवंबर है। यह चार दिवसीय पर्व नहाय-खाय से आरंभ होकर खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के…
पूरा लेख पढ़ें →भाई दूज 2026 बुधवार 11 नवंबर को है। इस दिन बहनें भाई को तिलक कर आरती उतारती हैं और दीर्घायु की कामना करती हैं।…
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