🪔 व्रत एवं त्योहार

मंगलवार व्रत: हनुमान जी की पूजा विधि, कथा और नियम

✍ vinodvinod.rawat@gmail.com 3 मिनट पढ़ें

संक्षेप में

मंगलवार का व्रत हनुमान जी को समर्पित है और साहस, बल तथा संकटों से मुक्ति के लिए रखा जाता है। इस दिन लाल वस्त्र धारण कर हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और गुड़-चना अर्पित किया जाता है, हनुमान चालीसा का पाठ होता है और दिन में एक बार मीठा भोजन लिया जाता है।

मंगलवार हनुमान जी एवं मंगल ग्रह — दोनों से जुड़ा दिन है। जिन जातकों की कुंडली में मंगल दोष अथवा ऋण-रोग की समस्या हो, उन्हें भी यह व्रत करने की सलाह दी जाती है।

व्रत का उद्देश्य

यह व्रत मुख्यतः भय, शत्रु बाधा, ऋण, रोग एवं मानसिक अशांति से मुक्ति के लिए किया जाता है। हनुमान जी को संकटमोचन कहा गया है, इसीलिए संकट काल में मंगलवार व्रत सबसे अधिक प्रचलित है। युवाओं में यह व्रत साहस एवं ब्रह्मचर्य के संकल्प के साथ भी रखा जाता है।

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान कर लाल अथवा नारंगी वस्त्र धारण करें।
  • हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाएँ।
  • सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चोला अर्पित करें — यह हनुमान पूजा की सबसे विशिष्ट परंपरा है।
  • लाल पुष्प, पान का बीड़ा एवं जनेऊ चढ़ाएँ।
  • गुड़-चना, बूंदी के लड्डू अथवा केले का भोग लगाएँ।
  • हनुमान चालीसा, बजरंग बाण अथवा सुंदरकांड का पाठ करें और आरती करें।

व्रत कथा (संक्षेप में)

कथा के अनुसार एक ब्राह्मण दंपति संतानहीन था। पति वन में जाकर हनुमान जी की आराधना करता और पत्नी घर पर मंगलवार का व्रत रखती। एक मंगलवार वह भोजन नहीं बना सकी और बिना भोग लगाए ही सो गई — छह दिन बाद हनुमान जी उसकी निष्ठा से प्रसन्न होकर प्रकट हुए और उसे पुत्र का वरदान दिया। पुत्र का नाम मंगल रखा गया। कालांतर में पति ने संदेह किया, किंतु स्वयं हनुमान जी ने प्रकट होकर सत्य बताया। तब से मंगलवार व्रत की परंपरा और दृढ़ हो गई।

व्रत के नियम

  • दिन में एक बार भोजन किया जाता है, प्रायः मीठा — गुड़, गेहूँ अथवा मीठी रोटी।
  • इस दिन नमक का त्याग करने की परंपरा अनेक परिवारों में है।
  • मांस, मदिरा एवं तामसिक भोजन पूर्णतः वर्जित।
  • ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है।
  • हनुमान जी को चढ़ाया सिंदूर स्वयं भी मस्तक पर लगाना शुभ माना जाता है।
  • 21 मंगलवार का संकल्प सर्वाधिक प्रचलित है।

दान एवं उपाय

मंगलवार को लाल वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है — लाल वस्त्र, मसूर की दाल, गुड़ अथवा ताँबा। मंदिर में लाल ध्वजा चढ़ाना, बंदरों को गुड़-चना खिलाना एवं जरूरतमंद को भोजन कराना प्रचलित उपाय हैं। ऋण की समस्या में “ऋणमोचन मंगल स्तोत्र” के पाठ की सलाह दी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगलवार व्रत कितने रखने चाहिए?

सामान्यतः 21 मंगलवार का संकल्प लिया जाता है। मनोकामना पूर्ण होने पर उद्यापन कर व्रत पूर्ण किया जाता है।

मंगलवार व्रत में क्या खाना चाहिए?

दिन में एक बार मीठा भोजन — गुड़ एवं गेहूँ से बनी वस्तुएँ प्रमुख हैं। कई लोग इस दिन नमक नहीं लेते।

हनुमान जी को चोला कब चढ़ाया जाता है?

मंगलवार एवं शनिवार को चोला चढ़ाने की परंपरा है। सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर प्रतिमा पर अर्पित किया जाता है।

क्या स्त्रियाँ हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं?

हाँ। स्त्रियाँ हनुमान चालीसा एवं आरती कर सकती हैं। परंपरा में केवल प्रतिमा को चोला चढ़ाने का कार्य पुरुषों द्वारा किया जाता है, शेष पूजा में कोई निषेध नहीं।

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