अहोई अष्टमी 2026: व्रत कथा, पूजा विधि और तारों का समय
अहोई अष्टमी 2026 रविवार 1 नवंबर को है। यह व्रत माताएँ संतान की लंबी आयु एवं कुशलता के लिए रखती हैं। दिनभर निर्जल रहकर…
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पूरा लेख पढ़ें →धनतेरस 2026 शुक्रवार 6 नवंबर को है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माँ लक्ष्मी एवं कुबेर का पूजन प्रदोष काल में किया जाता है, धातु…
पूरा लेख पढ़ें →गोवर्धन पूजा 2026 में 10 नवंबर को है (पंचांग भेद से कहीं-कहीं 9 नवंबर)। इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पूजा…
पूरा लेख पढ़ें →भाई दूज 2026 बुधवार 11 नवंबर को है। इस दिन बहनें भाई को तिलक कर आरती उतारती हैं और दीर्घायु की कामना करती हैं।…
पूरा लेख पढ़ें →सत्यनारायण व्रत भगवान विष्णु के सत्यस्वरूप की पूजा है, जो प्रायः पूर्णिमा अथवा संक्रांति के दिन किया जाता है। पूजा में कलश स्थापना, गणेश…
पूरा लेख पढ़ें →राहु काल दिन का वह लगभग डेढ़ घंटे का अंश है जिसे शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। इसकी गणना सूर्योदय से…
पूरा लेख पढ़ें →शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ आरंभ होगी और मंगलवार 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ समाप्त होगी। घटस्थापना प्रतिपदा…
पूरा लेख पढ़ें →करवा चौथ 2026 गुरुवार 29 अक्टूबर को है। यह निर्जला व्रत सूर्योदय से पूर्व सरगी खाकर आरंभ होता है, संध्या को करवा माता एवं…
पूरा लेख पढ़ें →दिवाली 2026 रविवार 8 नवंबर को है। लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में — लगभग संध्या 6:29 से रात्रि 8:29 के बीच — किया जाता…
पूरा लेख पढ़ें →गायत्री मंत्र का अर्थ है — हम उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी परमात्मा का ध्यान करते हैं; वह हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर…
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