"ॐ नमः शिवाय" भगवान शिव का मूल एवं सर्वाधिक प्रिय पंचाक्षरी मंत्र है (पाँच अक्षर — न, म, शि, वा, य)। यह अत्यंत सरल किन्तु महान फलदायी मंत्र है। नीचे इसका पाठ, हिंदी अर्थ एवं जाप विधि दी गई है।
ॐ नमः शिवाय ॥
मैं भगवान शिव को नमन करता हूँ। "नमः शिवाय" का अर्थ है — कल्याणकारी शिव को प्रणाम। यह पंचाक्षरी मंत्र पाँच तत्वों एवं शिव की पंच शक्तियों का प्रतीक है, जो जीव को अहंकार से मुक्त कर शिव में लीन होने का मार्ग दिखाता है।
प्रातः अथवा सायं स्नान करके स्वच्छ आसन पर बैठें। भगवान शिव अथवा शिवलिंग का ध्यान करते हुए रुद्राक्ष की माला से मंत्र का जाप करें। कम से कम एक माला (108 बार) जाप करें; सोमवार एवं महाशिवरात्रि पर विशेष फलदायी है। जाप के समय मन शांत रखें और प्रत्येक अक्षर का शुद्ध उच्चारण करें। इस मंत्र का जाप किसी भी समय, किसी भी अवस्था में किया जा सकता है।