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गणेश मंत्र

🕉️ बीज मंत्र📖 अर्थ सहित🐘 विघ्ननाशक

श्री गणेश प्रथम पूज्य देव हैं और उनके मंत्र समस्त विघ्नों का नाश करने वाले माने जाते हैं। "ॐ गं गणपतये नमः" गणपति का मूल बीज मंत्र है, तथा "वक्रतुण्ड महाकाय" सर्वप्रसिद्ध गणेश श्लोक है जिसका उच्चारण हर शुभ कार्य के आरंभ में किया जाता है। नीचे इनका पाठ, हिंदी अर्थ एवं जाप विधि दी गई है।

॥ मंत्र ॥

ॐ गं गणपतये नमः ॥

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

॥ अर्थ ॥

"ॐ गं गणपतये नमः" — गणों के स्वामी श्री गणेश को नमस्कार है ("गं" गणपति का बीजाक्षर है)। "वक्रतुण्ड महाकाय" श्लोक का अर्थ — हे वक्र (घुमावदार) सूँड़ वाले, विशाल कायावाले, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी देव! मेरे समस्त कार्यों को सदा निर्विघ्न रूप से पूर्ण कीजिए।

॥ जाप विधि ॥

बुधवार अथवा किसी भी शुभ कार्य के आरंभ में स्नान करके स्वच्छ आसन पर पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। श्री गणेश की प्रतिमा अथवा चित्र के समक्ष दीप जलाकर लाल अथवा हल्दी की माला से मंत्र का जाप करें। कम से कम एक माला (108 बार) जाप करें। मोदक अथवा लड्डू का भोग अर्पित करें। शुद्ध उच्चारण एवं श्रद्धा आवश्यक है।

॥ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ॥
गणेश मंत्र का जाप कब करें?

बुधवार गणेश जी को प्रिय है। किसी नए कार्य के आरंभ में, तथा गणेश चतुर्थी एवं संकष्टी चतुर्थी पर जाप का विशेष महत्व है।

"ॐ गं गणपतये नमः" का क्या अर्थ है?

"गं" गणेश जी का बीज मंत्र है, और पूरा मंत्र गणपति को नमन का भाव रखता है। यह गणेश उपासना का सबसे प्रचलित मंत्र है।

गणेश मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

108 बार, रुद्राक्ष अथवा स्फटिक की माला से। संकष्टी चतुर्थी पर संकल्प लेकर अधिक संख्या में जाप करने की परंपरा भी है।

जाप के समय कौन-सी दिशा शुभ है?

पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख कर बैठें। गणेश जी की प्रतिमा के समक्ष दूर्वा एवं मोदक अर्पित कर जाप आरंभ करने की परंपरा है।

नए कार्य से पहले गणेश मंत्र क्यों?

गणेश जी प्रथम पूज्य एवं विघ्नहर्ता माने गए हैं। इसीलिए गृह प्रवेश, विवाह, व्यापार अथवा किसी भी शुभ आरंभ में सबसे पहले उनका स्मरण किया जाता है।

✦ गणेश मंत्र के लाभ ✦

🚧विघ्न नाश

गणेश मंत्र से सभी बाधाएँ और विघ्न दूर होते हैं।

🧠बुद्धि एवं सिद्धि

बुद्धि, विवेक और सिद्धि की प्राप्ति होती है।

🌟शुभ आरंभ

हर नए कार्य में सफलता और मंगल मिलता है।

🙏गणपति कृपा

रिद्धि-सिद्धि के दाता गणेश की कृपा प्राप्त होती है।