होमआरतीश्री शिव जी की आरती

श्री शिव जी की आरती

पं. शिवानन्द रचित

🔊 ऑडियो उपलब्ध⏱ 5 मिनट📖 हिंदी🔱 महाशिवरात्रि विशेष

भगवान शिव देवों के देव महादेव हैं। "ॐ जय शिव ओंकारा" पं. शिवानन्द द्वारा रचित शिवजी की सर्वप्रिय आरती है, जो सोमवार तथा महाशिवरात्रि पर विशेष रूप से गाई जाती है। नीचे इसका शुद्ध एवं सम्पूर्ण पाठ दिया गया है। श्रद्धापूर्वक शिव आरती करने से मन को शांति, रोग-दोष से मुक्ति और महादेव की कृपा प्राप्त होती है।

॥ श्री शिव जी की आरती ॥

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा ॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा ॥

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज ते सोहे ।
तीनों रूप निरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा ॥

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी ।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा ॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा ॥

कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगहर्ता जगपालनकर्ता ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा ॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा ॥

त्रिगुण स्वामीजी की आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी सुख सम्पति पावे ॥
॥ ॐ जय शिव ओंकारा ॥

✦ शिव आरती के लाभ ✦

🧘मन की शांति

भगवान शिव की आरती से मन शांत होता है और तनाव दूर होता है।

💪रोग-दोष नाश

महादेव की कृपा से रोग, दोष और भय का नाश होता है।

🛡️नकारात्मकता नाश

नकारात्मक शक्तियों एवं बुरी दृष्टि से रक्षा होती है।

🙏मोक्ष मार्ग

शिव भक्ति से जीवन में कल्याण और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।