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श्री सरस्वती जी की आरती

पारंपरिक आरती

🔊 ऑडियो उपलब्ध⏱ 5 मिनट📖 हिंदी📚 बसंत पंचमी विशेष

माँ सरस्वती विद्या, ज्ञान, संगीत और वाणी की अधिष्ठात्री देवी हैं। "जय सरस्वती माता" उनकी सर्वप्रिय आरती है, जो विशेषकर बसंत पंचमी पर विद्यार्थियों एवं कलाकारों द्वारा श्रद्धापूर्वक गाई जाती है। नीचे इसका शुद्ध एवं सम्पूर्ण पाठ दिया गया है। भक्तिभाव से आरती करने पर माँ शारदा की कृपा से बुद्धि, विद्या और ज्ञान की प्राप्ति होती है।

॥ श्री सरस्वती जी की आरती ॥

जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनि, त्रिभुवन विख्याता ॥
॥ जय सरस्वती माता ॥

चंद्रवदनि पद्मासिनि, द्युति मंगलकारी ।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥
॥ जय सरस्वती माता ॥

बाएँ कर में वीणा, दाएँ कर माला ।
शीश मुकुट मणि सोहे, गल मोतियन माला ॥
॥ जय सरस्वती माता ॥

देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया ।
पैठि मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥
॥ जय सरस्वती माता ॥

विद्या ज्ञान प्रदायिनि, ज्ञान प्रकाश भरो ।
मोह अज्ञान और तिमिर का, जग से नाश करो ॥
॥ जय सरस्वती माता ॥

धूप दीप फल मेवा, माँ स्वीकार करो ।
ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ॥
॥ जय सरस्वती माता ॥

माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे ।
हितकारी सुखकारी, ज्ञान भक्ति पावे ॥
॥ जय सरस्वती माता ॥

✦ सरस्वती आरती के लाभ ✦

📚विद्या एवं ज्ञान

माँ सरस्वती की आरती से बुद्धि, विद्या और स्मरण शक्ति बढ़ती है।

🎼कला में निपुणता

संगीत, कला और वाणी में निपुणता एवं मधुरता आती है।

🧘एकाग्रता

विद्यार्थियों की एकाग्रता और अध्ययन में रुचि बढ़ती है।

🙏अज्ञान नाश

मन का अज्ञान एवं अंधकार दूर होकर ज्ञान का प्रकाश होता है।