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श्री राम जी की आरती

पारंपरिक आरती

🔊 ऑडियो उपलब्ध⏱ 6 मिनट📖 हिंदी🏹 रामनवमी विशेष

भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम एवं धर्म के आदर्श हैं। "आरती कीजे श्री रामलला की" श्रीराम की सर्वप्रिय आरती है, जो रामनवमी तथा नित्य पूजा में श्रद्धापूर्वक गाई जाती है। नीचे इसका शुद्ध एवं सम्पूर्ण पाठ दिया गया है। भक्तिभाव से राम आरती करने पर समस्त दोष, दुख एवं ताप का नाश होकर श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है।

॥ श्री राम जी की आरती ॥

आरती कीजे श्री राम लला की, रघुनंदन संपूर्ण कला की ॥

नारायण नर बनकर आए, रघुकुल नंदन राम कहाए ।
कौशल्या सुत राजिवलोचन, दशरथ सुत हरि भव भय मोचन ॥
॥ आरती कीजे श्री रामलला की ॥

भरत लखन शत्रुघ्न समेता, प्रगटे अवध में कृपानिकेता ।
धनुष बाण दिव्यायुध धारी, जन मन रंजन अवध बिहारी ॥
॥ आरती कीजे श्री रामलला की ॥

गुरु वशिष्ठ से विद्या पाए, विश्वामित्र का यज्ञ बचाए ।
तार अहिल्या मिथिला आए, जनक सुता से ब्याह रचाए ॥
॥ आरती कीजे श्री रामलला की ॥

पिता वचन हित वन को धाए, रावण वध कर अवध को आए ।
सिय संग सिंहासन को सजाए, रामराज त्रिभुवन में लाए ॥
॥ आरती कीजे श्री रामलला की ॥

जय जय मर्यादा अवतारी, जय जय धनुष बाण के धारी ।
जय सीतापति जय असुरारी, जय रघुनायक अवध बिहारी ॥
॥ आरती कीजे श्री रामलला की ॥

राम सिया की आरती पावनी, सकल दोष दुख ताप नसावनी ।
शिव अज इंद्र संत मन भावनी, पंच रोग त्रय ताप मिटावनी ॥
॥ आरती कीजे श्री रामलला की ॥

राम चरण में जो चित लावे, प्रेम भक्ति से गुण यश गावे ।
अक्षय सुख यश वैभव पावे, अंत काल भव से तर जावे ॥
॥ आरती कीजे श्री रामलला की ॥

✦ राम आरती के लाभ ✦

🏹दोष-दुख नाश

श्रीराम की आरती से समस्त दोष, दुख एवं ताप का नाश होता है।

🧘मन की शांति

मर्यादा पुरुषोत्तम का स्मरण मन को स्थिरता और शांति देता है।

⚖️धर्म एवं मर्यादा

जीवन में धर्म, सत्य और मर्यादा का भाव प्रबल होता है।

🙏भवसागर से तरण

राम भक्ति से भक्त अंत में भवसागर से पार हो जाता है।